उत्तरकाशी-सिस्टम की बड़ी लापरवाही टनल के अंदर पैदल रास्ते में बिछा दी पाइप लाइनें,बदहाल सुरंग के अंदर पैदल आवागमन करने वाले लोगों की बढ़ी मुश्किलें - PiyushTimes.com | Uttarkashi News

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Friday, March 28, 2025

उत्तरकाशी-सिस्टम की बड़ी लापरवाही टनल के अंदर पैदल रास्ते में बिछा दी पाइप लाइनें,बदहाल सुरंग के अंदर पैदल आवागमन करने वाले लोगों की बढ़ी मुश्किलें

उत्तरकाशी-सिस्टम की बड़ी लापरवाही टनल के अंदर पैदल रास्ते में बिछा दी पाइप लाइनें,बदहाल सुरंग के अंदर पैदल आवागमन करने वाले लोगों की बढ़ी मुश्किलें 






उत्तरकाशी।।जनपद मुख्यालय गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहले से बदहाल पड़ी तांबाखानी सुरंग में जल संस्थान की मनमानी का मामला सामने आया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि  जल संस्थान ने करीब डेढ़ फुट चौड़े फुटपाथ पर एक साथ दो पाइप लाइनें बिछा दी हैं जिसके कारण फुटपाथ से आम लोगों का आवागमन करना मुश्किल हो गया है। वहीं दूसरी तरफ लंबे समय से सुरंग के अंदर पानी का बड़ी मात्रा में रिसाव हो रहा है। जिसका निस्तारण अभी तक नहीं हुआ है इसके कारण भी लोगों को सुरंग के अंदर पैदल सफर  करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और जल संस्थान ने  अब लोगों की मुसीबत ओर ज्यादा बढ़ा दी है। पैदल पगडंडी में पाइप लाइनें बिछा दी है जिसके कारण अब ज्ञानसू से जनपद मुख्यालय और जनपद मुख्यालय से ज्ञानसू आने जाने वाले लोग सहित स्कूली बच्चे पैदल पगडंडी को छोड़कर  सुरंग के अंदर सड़क के किनारे ही आवागमन करने को मजबूर  हैं। जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है और बताया जा रहा है कि कुछ लोग तो सुरंग के अंदर  चोटिल भी हुए हैं।




जिला मुख्यालय में करीब 370 मीटर लंबी तांबाखानी सुरंग का निर्माण वरुणावत पैकेज से करोड़ों रुपए की लगात  से  हुआ था।स्थानीय लोगों का कहना है कि  निर्माण के बाद से ही यह सुरंग अभी तक किसी भी विभाग या एजेंसी को हस्तांतरित नहीं हुई।जिस  कारण सुरंग की नियमित मराम्मत व रखरखाव नहीं होने से सुरंग बदहाली के दौर से गुजर रही है।जिसमें निर्माण के बाद से ही पानी का रिसाव हो रहा है। ऐसे में अब यहां जल संस्थान ने अपनी ग्रेविटी योजना की एक नहीं, बल्कि दो-दो पानी की लाइनें फुटपाथ के ऊपर से बिछा दी हैं। इससे लोगों को चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में इस सुरंग के फुटपाथ पर पानी की लाइन बिछाने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है।

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